Aashayein...

Aashayein,  Organ donation



Writer: Monika Sharma
Character - Ashutosh, Disha, Jyoti, Amrita,
Doctor, Nurse



Aashayein... 


अमृता थोड़ी देर सोचती है और फिर ज्योति के पास जाकर उसके फेस पर प्यार से हाथ फेर कर कहती है - हम आपके पापा को कुछ नहीं होने देंगे और डॉक्टर की तरफ देख कर देती है - हम तैयार हैं आप इन्हें मेरे पति के ऑर्गन दे दीजिए....


अगले दिन डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर की तरफ जाते हुए हम तैयार हैं और ऑपरेशन करने चला जाता है। बाहर से अमृता, दिशा और ज्योति अंदर आशुतोष और मोहनलाल को लेटे हुए देखते रहते हैं और प्रार्थना करते हैं कि यह ऑपरेशन जल्द से जल्द सफल हो जाए। 8-10 घंटे बाद ऑपरेशन थिएटर की लाइट ऑफ होती है डॉक्टर बाहर आते हैं और इस्माइल करते हुए कहते हैं - बधाई हो यह ऑपरेशन कामयाब रहा हमने उन्हें बचा लिया है। बस कुछ ही दिनों की बात है और वह बिल्कुल ठीक हो जाएंगे।


Few Days Later


ज्योति दिशा और अमृता मोहनलाल के पास बैठे हुए होते तभी डॉक्टर वहां आ जाते हैं और उसे चेक करने लगता हैं। चेक करने के बाद वह खुशी से उन्हें बताता हैं की अब आप घर जा सकते हैं आप अब बिल्कुल ठीक हो चुके हैं। और नर्स को डिस्चार्ज पेपर तैयार करने के लिए कहता है। दिशा को बड़े गर्व से कहता है थैंक्यू बेटा अगर आप हिम्मत नहीं करते तो शायद हम भी हैं नहीं बचा पाते।


डॉक्टर मुड़ कर जाने लगता है और सोचता है आज अगर दिशा हिम्मत नहीं दिखाती तो हम मोहनलाल को कभी नहीं बचा पाते। जब यह छोटी सी बच्ची इतने बड़े काम कर सकती है, इतनी हिम्मत कर सकती है, तो हम बड़े क्यों नहीं यह बात समझ सकते कि हमारी की गई हुई एक छोटी सी कोशिश लाखों दिलों के लिए जीने की वजह बन सकती है।


aapka ek sakrifice kisi ko hajaro kushiya de sakta h...