Aashayein... 

Aashayein,  Organ donation



Writer: Monika Sharma
Character - Ashutosh, Disha, Jyoti, Amrita,
Doctor, Nurse

Aashayein... 


आशुतोष कार चला रहा होता है तभी उसके पास फोन आता है और उसकी बेटी [ दिशा ] पापा आप इस बार फिर लेट हो गए। आशुतोष उसे बोलता है सॉरी बेटा बस में पहुंचने ही वाला हूं। तब दिशा गुस्से में - पापा आप हमेशा ही ऐसा करते है। आशुतोष उसे प्यार से समझाता है बस बेटा आ ही रहा हूं और यह कहकर फोन रख देता है। वह पास वाली सीट पर फोन रखने जाता है लेकिन उसके हाथ से फिसल जाता है और नीचे गिर जाता है। वह जैसे ही नीचे झुककर फोन उठाता है उसकी नजर सामने रोड पर पड़ती है और वह दिखता है कि सामने से एक ट्रक काफी स्पीड से उसकी तरफ आ रहा है। वह कोशिश करता है बचने की लेकिन फिर भी उसकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है।

Hospital


एंबुलेंस हॉस्पिटल के बाहर आकर रुकती है और नर्स भागकर आशुतोष को ऑपरेशन थिएटर की तरफ घबराते हुए ले जाती है। तभी डॉक्टर वहां आ जाते हैं क्या हुआ है इन्हें ?? और आशुतोष को चेक करते हैं। ओ माय गॉड !! यह तो काफी सीरियस है। हमें जल्द से जल्द इनका ऑपरेशन करना होगा और नर्स से कहता है कि आप उनकी फैमिली को इनफॉर्म करके यहां बुला लीजिए और आशुतोष को ऑपरेशन थिएटर में ले जाता है।


आशुतोष की फैमिली [ अमृता और दिशा ] आशुतोष के पास बैठे होते हैं। तभी डॉक्टर वहां उसकी रिपोर्ट लेकर आते हैं। अमृता डॉक्टर से पूछती है कि उसके पति ठीक है ना ?? कोई सीरियस प्रॉब्लम तो नहीं है ?? तब डॉक्टर उन्हें बताते हैं एम सॉरी पर अब इनका बचना पॉसिबल नहीं है। इनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है। हम नहीं कह सकते कि यह ठीक होंगे या नहीं। यह अब सिर्फ वेंटिलेटर पर जिंदा है। इन्हें कभी भी कुछ भी हो सकता है। अमृता रोते हुए उनसे पूछते है डॉक्टर कुछ तो ऑप्शन होगा ?? कोई तो तरीका होगा मेरे पति को ठीक करने का ?? तब डॉक्टर उन्हें समझाता है नहीं इनका ब्रेन अब डेट हो चुका है और कोई ऑप्शन नहीं है। इन्हें अब नहीं बचाया जा सकता। आई एम सॉरी और वहां से चला जाता है।


अगले दिन डॉक्टर अपने केबिन में बैठे हुए दिशा और अमृता से बात कर रहा होता है। देखिए मैं समझ सकता हूं आप लोगों पर इस वक्त क्या बीत रही है पर फिर भी मैं आप लोगों को यही सलाह दूंगा की अब आशुतोष तो ठीक नहीं हो सकते लेकिन आप इनके ऑर्गन डोनेट कर दीजिए। अमृता गुस्से में उन्हें बोलती है क्या मतलब है आपका ?? तब डॉक्टर उन्हें समझाता है। देखिए मेम इनके ऑर्गन अभी तक सही सलामत है। हम इन्हें तो नहीं बचा सकते पर हम इनके ऑर्गन की वजह से कई लोगों की जान बचा सकते हैं। यहां कई ऐसे मरीज हैं जिनकी जान बच सकती है इनके ऑर्गन से। दिशा डॉक्टर की यह बात सुनकर सोच में पड़ जाती है....