Hope... 

Hope



Writer: Monika Sharma
Character - Aastha, Vistas, Aakash, Meenakshi,
Shivani, Bhavna


Hope... 

भावना यह सुनकर अपने आप को संभाल नहीं पाती है और उससे हार्ट अटैक आ जाता है और वह भी शिवानी की तरह विस्तास को छोड़कर हमेशा के लिए चली जाती हैं।


Present - 
नर्स अपनी आंखों से आंसू पूछते हुए आकाश और मीनाक्षी से कहती है - उस दिन उस इंसान ने अपना परिवार अपना सब कुछ खो दिया और अब उसके पास जीने के लिए और कोई वजह नहीं है और उनके हाथों से फॉर्म लेकर वहां से चली जाती है। इधर ऑपरेशन थिएटर में विस्तास प्यार से आस्था के चेहरे पर हाथ फेर कर उसे शिवानी कह कर बुलाता है। तभी डॉक्टर उससे पूछता है आर यू रेडी ?? और वहां हां में सिर्फ लाता है।आकाश और मीनाक्षी बाहर से यह सब देख कर इमोशनल हो जाते हैं।


Few Days Later
डॉक्टर आस्था से पूछते हैं अरे बेटा अब आप कैसे हो ?? आस्था हंसते हुए हां में सिर हिलाती है। डॉक्टर आस्था का चेकअप कर आकाश और मीनाक्षी से कहता है अब आप इसे घर ले जा सकते हैं। अभी यह बिल्कुल ठीक है। आकाश और मीनाक्षी खुश होकर आस्था को प्यार से गले लगा लेते हैं।


Vistas Ka Ghar
आकाश और मीनाक्षी एक बड़े से घर के सामने आकर गाड़ी रोक देते हैं ।जैसे ही तीनों बाहर आते हैं आस्था बड़े प्यार से पूछती है पापा हम कहां आ गए ?? तब आकाश उसे बताता है बेटा यह अब हमारा नया घर है। आस्था खुश होकर अंदर भाग जाती है और घर में बड़े प्यार से हर चीज देखने लगती है। तभी उसकी नजर एक फोटो [ विस्तास ] पर पड़ती है और वह उसे देखकर पूछती है पापा यह कौन है ??


आकाश बड़े प्यार से उसके आगे आकर बैठ जाता है और उसे के हाथों को अपने हाथों में लेकर बोलता है - बेटा हमने तुम्हें जन्म दिया है, मगर इन्होंने तुम्हें जिंदगी के साथ साथ अपना सब कुछ दे दिया है। आस्था बहुत इनोसेंट होकर आकाश से पूछती है मगर पापा जिंदगी तो भगवान देते हैं ना तब मीनाक्षी उसे बोलती है हां बेटा कुछ ऐसा ही समझ लो।

The End