Dosti Ki Ek Ansuni Daastan
Writer: Monika Sharma
कैरेक्टर- सायरा, अनीश, निशा, पुनीत
कुछ देर बाद जब निशा रोड पर चल रही होती है तो उसकी नजर गार्डन में पढ़ती है और उसे वहां सायरा दिखती है। वह सोचती है कि सायरा यहां क्या कर रही है?? जब वह गार्डन के अंदर जाती है तो देखती है कि सायर अकेले बाइसिकल के साथ चल रही है और हंस रही है। जैसे किसी से बात कर रही है पर वहां पर तो कोई नहीं था। वह सोचती है मुझे कोई गलतफहमी हो गई है। वह सायरा के और करीब जाने लगती है तभी वह देखती है सायरा जोर जोर से हंस रही है, किसी से बातें कर रही है तो वह डर जाती है कि आखिर सायरा को हो क्या गया है। वह किससे बात कर रही है?? कहीं सायरा को कोई दिक्कत तो नहीं है? मुझे यह बात भईया को बतानी चाहिए और वह घबरा कर वहां से चली जाती है।
शाम को निशा और सायरा का भाई पुनीत दोनों सायरा के घर पर डाइनिंग टेबल में बैठ के बातें कर रहे होते है। निशा पुनीत को समझाने की कोशिश करती है कि भईया सायरा को कुछ हो गया है। वह बहुत अजीब सा बर्ताव कर रही है। पुनीत उसे बोलता है। निशा शायद तुम्हें कोई गलतफहमी हो गई होगी। निशा उसे बोलती नहीं भईया मैं सच कह रही हूं। मैंने खुद उसे किसी से बात करते हुए देखा था, हंसते हुए देखा था, लेकिन वहां पर तो कोई भी नहीं था। तब पुनीत निशा को समझाता है घबराओ मत निशा मैं आज ही सायरा से इस बारे में बात करूंगा। तुम बस परेशान मत हो। सायरा को कुछ नहीं होगा और निशा वहां से चली जाती है।
उस दिन के बाद से निशा काफी डरी हुई थी। उसने कई बार सायरा का पीछा भी किया था यह जानने के लिए कि आखिर सायरा ऐसा क्यों कर रही है।लेकिन उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था और इधर पुनीत उसकी कोई बात ही सुनने को तैयार नहीं था। पुनीत और निशा घर के अंदर बैठ कर चाय पी रहे होते हैं तो उन्हें कुछ अजीब सी आवाज सुनाई देती है। जब वह दोनों बाहर जाने लगते हैं तो निशा पुनीत का हाथ पकड़कर उसे रोक लेती है और खिड़की के पास ले जाकर खड़ा करती है। और उसे बाहर देखने को कहती है। जब पुनीत बाहर देखता है तो वह भी चौक जाता है। क्योंकि सायरा किसी से बातें कर रही थी- लो आ गया मेरा स्वीट घर! चलो अंदर चलो!! आज मैं तुम्हें अपने भईया से मिलाती हूं वह तुम्हें मिलकर बहुत खुश होंगे। पुनीत भी सायरा की इस हरकत को देखकर थोड़ा डर जाता है। तब निशा उसे कहती है भईया मैंने आपसे कहा था लेकिन आप मेरी बात का भरोसा नहीं कर रहे थे। अब आप खुद ही देख लो। पुनीत उसे समझाता है कि अभी तुम सायरा को कुछ मत बोलना। मैं खुद ही इस बारे में पता करूंगा। इतने में सायरा अंदर आ जाती है। आप दोनों मुझे देखकर घबरा क्यों गए? क्या मैं आपको बहुत लग रही हूं?? तब निशा उसे बोलती है नहीं सायरा ऐसी कोई बात नहीं है। मैं तो बस ऐसे ही तुम्हारा हालचाल पूछने चली आई थी लेकिन अब मुझे घर जाना होगा ओके बाय अपना ध्यान रखना और वहां से चली जाती है।
अगले दिन सुबह सुबह पुनीत किसी से बात कर रहा होता है। जी आप जैसा बोल रहे हैं मैं वैसा ही करूंगा। उसके बाद मेरी बहन ठीक हो जाएगी ना?? इतने में उसकी नजर सारा पर पड़ती है जो बाहर जा रही होती है।वह उसके पास जाता है और उसके हाथ में एक धागा बांध देता है। यह मेरी प्यारी बहना को बुरी नजर से बचाएगा। सायरा उसे बोलती है लेकिन भईया मुझे तो किसी की नजर नहीं लगती। पुनीत उसे चुप कराता है चुप ज्यादा नहीं बोलते। तुम बस इस को कभी मत उतारना। ठीक है ??सायरा उसके हां में हां मिला कर वहां से चली जाती है।
वह जैसे ही गार्डन में जाती है तो दिखती है वहां पर कोई नहीं है। सोचती है इस वक्त अनीश हमेशा यहां पर होता था। फिर आज क्यों नहीं है?? वह ढूंढती है, आवाज लगाती है, काफी देर तक उसका इंतजार करती है, लेकिन वह नहीं आता। फिर वह बहुत ज्यादा परेशान हो जाती है। वह काफी उदास होकर गार्डन से जाने लगती है। जैसे ही वह रोड पर चलती है। उसे कुछ याद आता है और वह भागती हुई एक घर के बाहर जाकर रुक जाती है। थोड़ा सोचती है और फिर बेल बजाने लगती है। जैसे ही अंदर से दरवाजा खुलता है सायरा पूछती है जी अनीश की फ्रेंड बोल रही हूं। अनीश है?? सामने खड़ी औरत बस उसे देखती रहती है। सायरा उसे बोलती है मैं सुबह से इंतजार कर रही हूं लेकिन वह आज मुझसे मिलने नहीं आया। तब वह औरत उसे बोलती है जी आप के साथ किसी ने मजाक किया होगा।अनीश को मरे हुए तो सालों हो गए। सायरा को गुस्सा आ जाता है।जी मजाक आप मेरे साथ कर रहे हो। यह कैसे हो सकता है?? वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है। मैं रोज उससे मिलती हूं, हम गंटू एक दूसरे से बातें करते हैं, एक दूसरे के साथ वक्त बिताते हैं और आप बोल रहे हो कि वह मर चुका है। तब औरतों से बोलती है जी रुकिए और अंदर से एक फोटो लेकर आती है। क्या आप इसी अनीश की बात कर रहे हो?? सायरा बोलती है जी हां यही तो है अनीश वह रोज मुझसे मिलता है। पर आज पता नहीं क्यों?? आया ही नहीं। औरत उसे बोलती है। यह कैसे हो सकता है?? जिस अनीश की तुम बात कर रही हो। वह तो आज से 10 साल पहले एक कार एक्सीडेंट में मर गया है और मैं इतना यकीन से इसलिए बोल सकती हूं क्योंकि मैं उसकी मां हूं। तब सायरा रोने लगती है नहीं यह नहीं हो सकता, आप झूठ बोल रहे हो और वहां से भाग कर चली जाती है।
सायरा रोते हुए पार्क के अंदर आती है और चिल्लाती है अनीश कहां हो तुम प्लीज आ जाओ। और चेयर पर बैठ जाती है वह जोर जोर से रोने लगी ।है प्लीज अनीश मजाक खत्म करो। अनीश उसके पीछे खड़ा है, अनीश हाथ आगे बढ़ाता है और उसे छूने की कोशिश करता है। लेकिन सायरा के हाथ में बंधे हुए धागे की वजह से उसे छू नहीं पाता और वह भी इमोशनल हो जाता है मैं इसीलिए तुम्हारे करीब नहीं आना चाहता था।
The End

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