Hope...
Writer: Monika Sharma
Character - Aastha, Vistas, Aakash, Meenakshi,
Shivani, Bhavna
Hope...
विस्तास शौक दीवार के सहारे खड़ा हो जाता है और उसके आंखों से आंसू बहने लगते हैं वह आंखें बंद कर कर कुछ याद करने लगता है....
Flashback - 1
ICU
विस्तास की बेटी शिवानी आईसीयू में लेटी हुई होती है और उसके मां-बाप उसके साथ उसका हाथ पकड़ कर बैठे हुए होते हैं तभी वह अचानक से और जोर से सांस लेने लगी है को इस हालत में देख कर डॉक्टर डर जाते हैं। और उसे ठीक करने की कोशिश कर रहे होते हैं पर उसकी हालत और खराब हो जाती है। वह अचानक से सांसे लेना बंद कर देती है डॉक्टर घबरा कर उसे शॉक देने लगते हैं और फिर कहते हैं आई एम सॉरी ही इज डेट....
Flashback - 1 End
विस्तास घबराकर होश में आता है और उसकी आंखों में आंसू होते हैं। वह विकास के कंधों पर हाथ रख कर डॉक्टर से कहता है अगर मेरा हार्ट देने से आस्था की जान बचती है तो मैं उसे अपना हार्ट देने को तैयार हूं। उसके मुंह से यह बात सुनकर आकाश और मीनाक्षी उसके आगे हाथ जोड़कर रोने लगते हैं और वह उनका हाथ पकड़कर ना मैं इशारा करता है और डॉक्टर के साथ एक कप के लिए वहां से चला जाता है।
आकाश और मीनाक्षी अपनी बेटी के पास बैठे हुए होते हैं इतने में वहां पर एक नर्स आ जाती है और उन्हें कहती है सर आप यह फॉर्म भर दीजिए। आकाश फॉर्म लेकर पड़ने लगता है और उसके आंखों में आंसू आ जाते हैं। नर्स से पूछता है क्या आप जानते हैं कि विस्तास ऐसा क्यों कर रहे हैं ?? और उनकी फैमिली को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्या ?? तब सिस्टर कुछ याद करते हु। नर्स कुछ याद करते हुए उन्हें बोलती है मुझे आज भी याद है वह दिन.......

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