Hope... 

Hope



Writer: Monika Sharma
Character - Aastha, Vistas, Aakash, Meenakshi,
Shivani, Bhavna


Hope... 


एक पार्क में बच्चे खेल रहे होते हैं लेकिन अचानक से उन सब में से एक बच्ची [ आस्था ] अचानक से बेहोश हो जाती है। उसे ऐसी हालत में देख कर उस गार्डन में मौजूद सभी लोग वहां भाग कर उसके पास आ जाते हैं, तभी पीछे से एक आदमी [ विस्तास ] सबको रास्ते से हटाकर उस बच्ची के पास आ जाता है। विस्तास उसे हिलाते हुए होश में लाने की कोशिश करता है पर वह नहीं उठती तब वह घबराकर उसे जल्दी से उठा कर ले जाता है।


विस्तास उसे हॉस्पिटल लेकर जाता है और घबराते हुए डॉक्टर को बुलाता है। वहां एक डॉक्टर आकर उसे चेक करता है और वह घबरा जाता है और कहता है ओ माय गॉड हमें जल्दी से इसे आईसीयू में लेकर जाना होगा। नर्स के साथ उसे आईसीयू के अंदर ले जाता है। विस्तास आस्था की ऐसी हालत देखकर काफी घबरा जाता है और उसके घर वालों को उसकी इस हालत के बारे में फोन करके बता देता है।


कुछ देर बाद आस्था की मां-बाप [ आकाश मीनाक्षी ] भागते हुए वहां आते है और रिसेप्शन में अपनी बेटी के बारे में पूछते है। तब उसे रिसेप्शनिस्ट बताती है कि उसकी बेटी आईसीयू में है और वह भागते हुए आईसीयू के पास आ जाते है और अपनी बेटी की ऐसी हालत देखकर उसके मां-बाप काफी परेशान हो जाते हैं। पीछे से विस्तास उन्हें शांत कराने की कोशिश करता है। आप घबराइए नहीं आपकी बेटी को कुछ नहीं होगा डॉक्टर चेक कर रहे हैं उसे। आप बस भगवान पर भरोसा करें वह जल्द ही ठीक हो जाएगी। 


आईसीयू से डॉक्टर बाहर आते हैं आकाश और मीनाक्षी घबराते हुए उनसे पूछते हैं डॉक्टर क्या हुआ मेरी आस्था को ?? वह इस तरह से अचानक बेहोश कैसे हो गई ?? वह ठीक तो है ना ?? तब डॉक्टर उन्हें समझाते हैं - फिलहाल तो आपकी बेटी ठीक है पर हमें जल्द से जल्द आस्था का हार्ट ट्रांसप्लांट करना होगा। उसके हार्ट में होल है अगर हमने जल्द ही कुछ नहीं किया तो आपकी बेटी को हम बचा नहीं पाएंगे। आकाश और मीनाक्षी डॉक्टर की यह बात सुनकर शौक हो जाते हैं और विस्तास शौक दीवार के सहारे खड़ा हो जाता है और उसके आंखों से आंसू बहने लगते हैं वह आंखें बंद कर कर कुछ याद करने लगता है....