Dosti Ki Ek Ansuni Daastan 


Dosti Ki Ek Ansuni Daastan



Writer: Monika Sharma

कैरेक्टर- सायरा, अनीश, निशा, पुनीत



Dosti Ki Ek Ansuni Daastan 

कुछ दिन बाद सायरा एक गार्डन के पास से गुजर रही होती है पर जैसे ही उसकी नजर गार्डन में पढ़ती है तो वह सोचती है। अरे यह तो वही लड़का है जिसने मेरी जान बचाई थी। लेकिन अकेला यहां पर क्या कर रहा है। इस जगह तो मैंने आज पहले किसी को नहीं देखा, कहीं उसे कोई दिक्कत तो नहीं है। फिर सोचती है मुझे क्या फर्क पड़ता है करने दो उसे जो वह कर रहा है। मैं क्यों उसकी इतनी चिंता करूं?? नहीं नहीं उसने एक बार मेरी जान बचाई थी मुझे भी उसकी मदद करनी चाहिए।


और फाइनली वह गार्डन के अंदर जाती है और उस लड़के से पूछती है, तुम अकेले यहां पर क्या कर रहे हो?? अनीश उसे बोलता है। तुम्हें इससे क्या मतलब, मैं चाहे जो भी करो तुम क्यों मेरे पीछे पड़ी हो। सायरा गुस्से में उसे बोलती है हेलो मिस्टर मुझे भी कोई इंटरेस्ट नहीं है। वह तो मैं यहां से गुजर रही थी और मैंने तुम्हें अकेले देखा तो सोचा हो सकता है तुम कोई प्रॉब्लम में हो इसीलिए हेल्प करने आ गई थी तुम्हारी। पर तुम्हें तो लड़कियों से बात भी करनी नहीं आती जा रही हूं मैं। अनीश उसे बोलता है तो जाओ ना किसने रोका है और हां प्लीज़ दोबारा मुझे परेशान मत करना। सायरा गुस्से में हा ठीक है जा रही हूं मैं।


इट्स टू मच एक तो मैं इसकी मदद करने के लिए इस डरावनी जगह में आ गई और यह है कि, और इतने में उसका पैर मुड़ जाता है और वह गिर जाती है। अनीश भागते हुए उसके पास आता है सायरा आर यू ओके?? और उसे खड़ा करता है। उसे ले जाकर चेयर पर बैठा देता है, बहुत प्यार से उसके पैर पर अपना हाथ फेरता है और अचानक से उसे दबा देता है। सारा जोर से चिल्लाती है। तब उससे पूछता है अब कैसा फील हो रहा है। तब सायरा उससे पूछती है तुम्हें इससे क्या मतलब?? अभी थोड़ी देर पहले तुम मुझसे बात भी नहीं करना चाहते थे । तो आप मेरी इतनी फिक्र क्यों कर रहे हो?? अनीश बस सायरा को देखते रहता है और उसे बोलता है देखो सायरा मैं चाहता हूं कि तुम मुझसे दूर रहो। मैं तुम्हें हर्ट नहीं करना चाहता। सायरा उसे बोलती है अनीश क्या हम दोस्त नहीं हो सकते प्लीज और अपना हाथ आगे बढ़ाती हैं। अनीश उसके हाथ को देखते हुए कुछ सोच में पढ़ जाता है।
मैं तुम्हें हर्ट नहीं करना चाहता। सायरा उसे बोलती है अनीश क्या हम दोस्त नहीं हो सकते प्लीज और अपना हाथ आगे बढ़ाती हैं। अनीश उसके हाथ को देखते हुए देर कुछ सोच में पढ़ जाता है। फिर हाथ मिलाते हुए कहता है हाय आई एम अनीश....इसके बाद दोनों की दोस्ती धीरे धीरे बढ़ने लगती है।


सायरा अपना आधे से ज्यादा समय उसी सुनसान गार्डन में अनिश के साथ गुजारती थी जैसे की उसके पास और किसी के लिए समय ही नहीं था। उसकी आदत उसके कई फ्रेंड्स को बुरी लगने लगी फिर एक दिन सायरा सुबह सुबह तैयार होकर जल्दी में अपने घर से बाहर निकलने लगी। इतने में उसकी फ्रेंड निशा आ जाती है हाय सायरा कैसी हो ,काफी दिन हो गए तुमसे मिले हुए तो सोचा आज तुमसे मिल लेती हूं। लेकिन सायरा को अनिश से मिलने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी। वह निशा को बोलती है सॉरी निशा आई हेव टू गो और जल्दी से अपनी साइकिल उठाकर वहां से चली जाती है। निशा बिचारी उसे वहां खड़े होकर बस आवाज लगाती रह जाती है फिर वह भी वहां से चली जाती है।



To Be Continued...