Dosti Ki Ek Ansuni Daastan
Writer: Monika Sharma
कैरेक्टर- सायरा, अनीश, निशा, पुनीत
Dosti Ki Ek Ansuni Daastan
सायरा एक सुनसान रास्ते से गुजर रही थी। वह अपने आप में काफी मग्न थी। कान में हेडफोन लगाकर वह गाने सुनते हुए, नाचते हुए चल रही थी। तभी पीछे से फुल स्पीड में गाड़ी आ रही होती है लेकिन उसने कान में हेडफोन लगाए हुए थे जिस वजह से उसे कुछ भी नहीं सुनाई दे रहा था। जैसे ही वह गाड़ी उसके करीब आती है तभी अचानक से एक लड़का (अनीश) सायरा का हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खींच लेता है। लेकिन फिर वह चौक जाता है। वह अपने हाथों को देखता है और एक बार फिर से सायरा को हाथ लगाता है। उसे समझ में नहीं आ रहा था यह क्या हो गया। तभी सायरा चुटकी बजाकर उसका ध्यान अपनी तरफ करती है। हेलो मिस्टर क्या हुआ तुम्हें?? लेकिन अनीश उसे कोई जवाब नहीं देता। सायरा उसे बोलती है। बाय द वे, मेरी जान बचाने की जरूरत नहीं थी फिर भी शुक्रिया।
अनीश उसका एटीट्यूड देख कर उसे बोलता है हेलो मैडम.. होश में आओ अभी अभी मरते-2 बची हो। तब सायरा उसे बोलती है मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी एक न एक दिन तो हर किसी को मरना ही है और मैं अपना ध्यान खुद रख सकती हूं। उसकी यह बात सुनकर अनीश हंसने लगता है वह तो देखा मैंने और जाने लगता है। तब सायरा पीछे से आवाज लगाती है क्या मैं तुम्हें पागल लगती हूं। तब अनीश इरिटेट होकर उसे बोलता है नहीं पागल तो मैं हूं, जो मैंने तुम्हारी जान बचाई। सायरा गुस्से में उसे बोलती है व्हाट डू यू मीन?? तुम कहना क्या चाहते हो?? अनीश फिर उसे बोलता है। तुम्हें पता है तुम्हारा एक स्क्रू ढीला है। यू आर टोटली मैड और फिर से जाने लगता है। सायरा फिर से उसके पीछे भाग कर जाती है और कहती है ठीक है अब झगड़ा खत्म करें। हाय आई एम सायरा!! अनीश उसे बोलता है तो क्या करूं?? सायरा फिर से चढ़ जाती है और बोलती है हेलो मिस्टर तुम बचपन से ही इतने खड़ूस हो, या मुझे इंप्रेस करने के लिए कर रहे हो। अनीश एटीट्यूड मैं उसे बोलता है, इंप्रेस और तुम्हें!! तुम में ऐसा है क्या?? और यह बोल कर वहां से चला जाता है। सायरा बस गुस्से में वहां खड़े उसे देखती रहती है और फिर वह भी वहां से चली जाती है।
उस पूरे दिन सायरा बस उस इंसिडेंट को याद करती रहती है और सोचती है कितना खडूस इंसान था। मैंने उसे थैंक्यू बोला, उससे बात करनी चाहि लेकिन वह था की अकड़ दिखाएं जा रहा था। ओ हो!! यह क्या हो गया है मुझे?? मैं क्यों उस इंसान के बारे में इतना सोच रही हूं। उसने मेरी जान बचाई, मैंने उससे थैंक्यू कहां बस बात खत्म और बस यही सब सोचते सोचते उसका घर आ जाता है और वह अंदर चली जाती है।

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